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अनोखा अपराधी

"हाँ तो मिस्टर मनदीप, तुम पर ये इल्जाम है कि तुमने एक विचाराधीन कैदी को अदालत परिसर में पेट्रोल डालकर जला दिया. क्या तुम ये इल्जाम कबूल...

बाल मन

गीत.... सा रे गा माँ पा नी सा… गा री गुड़िया तू भी गा….. मैं भी तेरे संग बोलूँ , मेरा भी मन चंचल है , उड़ने का करता है मन , फिर मैं चुप...

समर्पण

मैं नदी की तरह,पूर्ण समर्पण से बहती रही तुम लहरों की तरह मुझे स्पर्श कर चल गये । मैं तुम्हारी यादों को मन में सहजती रही तुम सब कुछ...

प्रदूषणमुक्त दीवाली

प्रदूषणमुक्त दीवाली आओ मनायें प्रदूषण मुक्त दीवाली, मन के सुख में होता लक्ष्मी का वास। लेकर हाथ में दिया और बाती , तेल से हों जो लबालब ।...

***गधो का महत्व***

गधो का महत्व गधो का महत्व अरुण को अपने १२ वर्षीय पुत्र से ऐसे जवाब की कतई उम्मीद नही थी, हतप्रभ रह गये थे वो, सोच मे पड गये की अभी से ये...

एक अनोखी दिवाली

" एक अनोखी दिवाली " गांव में सब का घर माटी के दीपों से तथा बिजली के रोशनी से रोशन हो जगमगा रहा था। परर.. इन सब के बीच में एक घर था जो...

दिल्ली की आत्मा

सबको दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं..... " दिल्ली की आत्मा " दिल्ली की आत्मा कह रही है करके क्रंदन, "होता था एक दिन मेरा भारत में वंदन।...

कर्ण

" कर्ण " कर्ण का भाग्य लिखते समय विधाता ने क्यों किया पक्षपात, सूर्यपुत्र एवं कौन्तेय होकर भी सूत पुत्र कहलाना था आघात । पर सच्चा वीर...

कृष्ण भक्तिनी राधा

" कृष्ण भक्तिनी राधा रंगी मैं तो श्याम रंग में दूजा रंग कोई न चढ़ पाए रे , ये रंग ऐसा चटख रंग है सब रंग फीका पड़ जाए रे । सुन तेरी...

मेरे शहर के लोग

मेरी एक पुरानी रचना जो मैंने अयोध्या के मंदिर-मसजिद विवाद के समय लिखी थी, आप सबको समर्पित है........ " मेरे शहर के लोग " जाने किसकी नज़र...

**लगन**

विषय - पानी के भीतर ** लगन ** एक तेज हवा का झोका " और फिर ... वह चीटी ,जो की एक चौथाई भी नही चढ पायी थी ,फिर से वही आ गिरी जहा से शुरू...

मीठी मुस्कान

"मीठी मुस्कान😊 सच कहती है एक मीठी मुस्कान न मैं हिन्दु , न सीख न इसाई , न मुसलमान । न मैं गोरी हूं न रंग मेरा काला सबके होठों पर...

प्रथम प्रणय

" प्रथम प्रणय " प्रथम प्रणय की वो अनुभूति वो निश्छल दो नैनों की भाषा , ह्रदय की वो आतुरता और मन की निशब्द अभिलाषा । प्रयास तुम्हारी...

निर्भया

"निर्भया" फिर आऊंगी बेटी बनकर मां तेरे आंगन में पूरे करना सपने वो सारे अधूरे हैं जो तेरे मन में । तेरे घर की शोभा बनूंगी फैलेगी रोशनी...

पूर्णता

"पूर्णता" तुम रहते हो मन में मेरे बनके अभिलाषा, तुम ही हो मेरे अंतस की उदगारों की भाषा । तुम्ही बसे हो मेरी आंखों की रोशनी में तभी...

ये कैसी आधुनिकता?

रवि रात को बैठा खाना खा रहा था कि तभी दरवाजे पर किसी ने दस्तक दी. माँ ने उठकर दरवाजा खोला तो देखा कि कॉलोनी के 3 -४ लड़के उसी की उम्र के...

काबिलियत

राजेश की दुकान पर चार दोस्त बैठे हुए अपने अपने हालात बयान कर रहे थे और बीच बीच में पकौड़ो पर अपना गुस्सा निकाल रहे थे। विकास ने पकौड़े को...

अजन्मी बेटी की आर्तनाद

" अजन्मे बेटी की आर्तनाद " जन्म से पहले मुझे न मारो माँ देकर जन्म धरती पर उतारो माँ मैं भी देखूं रंग-बिरंगी दुनिया सारी है यह कितनी...

*जिंदगी*

जी भर जिया जी भर जिया जी भर जिया ,हां जिंदगी, हा जी रहा हूं जी रहा हा जी रहा हूं जिंदगी, कुछ खो दिया कुछ पा लिया कुछ पा लिया खोकर, कुछ...

समय की पुकार

देश की युवा पीढ़ी को समर्पित " समय की पुकार " क्यों खड़ा तू शीष झुकाए क्यों आँखें हैं बोझिल बोझिल कंधे क्यों है झुकें -झुकें क्यों तनु है...

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